केस दर्ज होने के बाद क्रिकेटर पांड्या ने कहा, मैंने नहीं किया ट्वीट, करता हूं अम्बेडकर का सम्मान

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जोधपुर, 23 मार्च। भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे हार्दिक पांड्या ने जोधपुर के लूणी पुलिस थाने में अपने खिलाफ दर्ज मामले में शुक्रवार को ट्वीट कर अपनी सफाई दी है। ट्वीट कर पांड्या ने लिखा कि उन्होंने वो ट्वीट ही नहीं किया, जिसमें डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। यह ट्वीट एक फेक अकाउंट से उनके नाम से किया गया है।

हार्दिक पांड्या ने लूणी पुलिस थाने में अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद ट्वीट कर अपना पक्ष रखा है। इसमें उन्होंने कहा कि मैं किसी भी बयान के लिए अपना ऑफिशियल वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट का ही इस्तेमाल करता हूं। मैं किसी के खिलाफ या किसी की भावनाओं का आहत करने वाला बयान नहीं देता। मैं सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने फैंस से जुड़े रहने के लिए करता रहा हूं। मुझे लगता है कि सोशल मीडिया में गलत जानकारी के लिए लोगों को सचेत रहना चाहिये। साथ ही संभलकर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिये। पांड्या ने लिखा कि मैं न्यायालय में सभी आवश्यक दस्तावेज पेश कर सकता हूं। जिससे यह साबित हो जाएगा कि मैने ऐसा कोई ट्वीट नहीं किया, लेकिन इसके लिए मुझे जिम्मेदार माना जा रहा है।

यह है मामला
अधिवक्ता डीआर मेघवाल ने अदालत में पेश एक परिवाद में आरोप लगाया गया था कि हार्दिक पांड्या ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर सोशल मीडिया पर अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी की। इससे उनकी भावनाए आहत हुई है। मेघवाल के मुताबिक हार्दिक पांड्या ने 26 दिसंबर, 2017 को ट्वीटर पर डॉ अम्बेडकर के खिलाफ टिप्पणी की थी। पांड्या की इस टिप्पणी के खिलाफ मेघवाल ने याचिका दाखिल की थी। खुद को राष्ट्रीय भीमसेना का सदस्य बताने वाले मेघवाल ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके जैसे क्रिकेटर ऐसी टिप्पणी कर न सिर्फ संविधान का अपमान किया है, बल्कि दलित समुदाय की भावनाओं को भी आहत किया है।

मेघवाल ने कहा कि जनवरी में सोशल मीडिया के जरिए मुझे हार्दिक पांड्या की टिप्पणी के बारे में जानकारी मिली। यह अंबेडकर जैसी हस्ती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी थी। इसके अलावा यह समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाली थी।
मेघवाल ने कहा कि इस मामले में वह पहले लूणी पुलिस थाने में केस दर्ज कराने के लिए गए थे। लेकिन लूणी थानेदार ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था। मेघवाल के मुताबिक, थानेदार का कहना था कि वह इतने बड़े क्रिकेट खिलाड़ी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कर सकते हैं। इसके बाद मेघवाल अदालत पहुंचे और इस्तगासा पेश किया जिस पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई करते हुए हार्दिक पांड्या के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। लूणी पुलिस ने गुरुवार को मामला दर्ज किया।

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